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मंगल के प्रभाव से जन्म हुआ बुध का

मैंने मंगल ग्रह की चर्चा के समय कहा है कि मंगल अनैतिक, अवैध प्रेम यानी एक्सट्रा मेरिटल अफेयर का आधार बनता है, तो बुध ग्रह के जन्म में मंगल का यही प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं आपको इसका प्रत्यक्ष उदाहरण दे रहा हूं जिसे सुनकर आप सब अचंभित हो सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि ग्रहों में चैथे ग्रह का जन्म कैसे हुआ? कौन है यह ग्रह? तो जानिए तीसरे ग्रह मंगल के प्रभाव से चन्द्रमा तथा पांचवें ग्रह बृहस्पति की पत्नी अरूंधती के बीच अवैध संबंध बने। चन्द्रमा की स्वयं की 27 पत्नियां हैं फिर भी वे एक बार धोखे से बृहस्पति की पत्नी अरूंधती के साथ संबंध बना बैठे। इससे बुध का जन्म हुआ। यानी लव अफेयर का प्रतीक-पुत्र है बुध। पौराणिक दृष्टि से बुध चन्द्रमा का पुत्र कहा जाता है। विष्णु पुराण के अनुसार बृहस्पति की पत्नी अरूंधती चन्द्रमा के साथ रही और उसने चन्द्रमा से गर्भांधान कराया। चन्द्रमा की 27 पत्नियां होते हुए मंगल के प्रभाव से इन दोनों में अवैध संबंध हो गया था। बाद में बृहस्पति के पास लौट आने पर अरूंधती ने बृहस्पति के आदेश पर चन्द्रमा के द्वारा ठहरे गर्भ को त्याग दिया, किन्तु उसका रूप, लावण्य व तेज को देखकर बाद में बृहस्पति व चन्द्रमा दोनों ही उसे अपना पुत्र कहने को तैयार हो गए। तब ब्रह्मा के पूछने पर अरूंधती ने वह गर्भ चन्द्रमा का होना स्वीकार किया। बृहस्पति व चन्द्रमा दोनों ही द्वारा उस गर्भ के विषय में जानने की इच्छा की गई थी। अतरू उसका नाम श्बुधश् पड़ा। इसे आंग्ल भाष में श्मरकरीश् कहा जाता है। बुध को प्रियंगु भी कहते हैं।