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हरियाली अमावस्या के महाशुभ संयोग पर करें यह विशेष उपाय

हरियाली अमावस्या के महाशुभ संयोग पर करें यह विशेष उपाय
सुख-सौभाग्य, स्वास्थ्य और आरोग्य पाएं
1 अगस्त 2019

आपके पास धन-दौलत हैं लेकिन अगर आप अस्वस्थ हैं तो इसका लाभ कैसे उठा पांएगे। खाने-पीने, घूमने-फिरने, कर्म करने के लिए चाहिए निरोगी काया। इसीलिए सांसारिक सात सुखों में से निरोगी काया को पहला सुख माना गया है। काया निरोगी है तभी आप अन्य सुखों का भोग कर सकते हैं, अन्यथा सुख होने पर भी आप सुखी नहीं होते। काया को निरोगी बनाने, आरोग्य व दीर्घायु प्राप्त करने के लिए शिव की रोग बाधा निवारक साधना सर्वश्रेष्ठ है।

इस बार 1 अगस्त को सावन की हरियाली अमावस्या पर शिव को प्रिय तीन नक्षत्रों आद्र्रा, पुनर्वसु और पुष्य में से इस दिन पुष्य नक्षत्र होने के साथ-साथ 125 साल बाद पंच महायोग का संयोग भी बन रहा है। जिसमें पहला सिद्धि योग, दूसरा गुरु पुष्यामृत योग, तीसरा सर्वार्थ सिद्धि योग चैथा अमृत सिद्धि योग और पांचवा सूर्य, चन्द्रमा, मंगल और शुक्र की युति से चतुष्ग्रही योगों का संयोग बन रहा है। ऐसे में यदि आप असाध्य रोग अथवा लंबे समय से किसी रोग से परेशान हैं तो इस उपाय द्वारा रोगमुक्त हो सकते हैं।

इसके लिए आपको आवश्यकता होगी रोग निवारक शिवलिंग, अष्टगंध और अनार की कलम की। यह प्रयोग आपको हरियाली अमावस्या से प्रारंभ कर अगले 11 दिन तक नियमित करना है। निश्चय ही रोग निवारण होकर आरोग्य की प्राप्ति होगी।

आपको करना क्या है? सबसे पहले तो आप रोग निवारक शिवलिंग, अनार की कलम व अष्टगंध प्राप्त करें। यदि आप चाहें तो हमारे केन्द्र से प्राप्त कर सकते हैं।

प्रातः स्नानादि से निवृत होकर पूजा कक्ष में जाएं और सर्वप्रथम गणेश पूजन के बाद रोग निवारक शिवलिंग पर चांदी अथवा स्टील के कलश में कच्चा दूध में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें।

फिर चंदन अर्पित कर धूप-दीप करें।

इसके बाद एक बिल्बपत्र पर अनार की कलम से अष्टगंध द्वारा ‘‘ ऊँ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम, त्रिजन्म पाप संहारम एक बिल्व शिवार्पणं ’’ मंत्र लिखें।

अब यह बिल्बपत्र शिवलिंग को अर्पित कर दें।

अगले दिन यह बिल्बपत्र उतार कर इसी तरह अभिषेक कर नया बिल्बपत्र लेकर उस पर अष्टगंध से मंत्र लिखें व शिवलिंग को अर्पित कर दें।

कल का जो बिल्बपत्र था उसे सुरक्षित कर लें।

इस प्रकार 11 दिन तक यह साधना करने के बाद 12वें दिन किसी एक बिल्बपत्र को अपने पास रखें व शेष दस बिल्बपत्र को आटे में मिलाकर गूूंथ ले व आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को डाल दें।

जो एक बिल्बपत्र आपने अपने पास रखा है उसे किसी लाॅकेट में बांध कर रेशमी धागे से अपने गले में बांध लें। ऐसा करने से आप कितने भी समय से बीमार हैं आपको स्वास्थ्य लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा।