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पितृ नहीं देते दुराशीष, रह जाते हैं दोष

एक बड़ा डर और हव्वा खड़ा कर दिया गया है कि जो लोग श्राद्ध नहीं करते उन्हें पितृ दुराशीष देते हैं और उनकी सुख-शांति छिन जाती है। ऐसे परिवारों में हर समय संकट बना रहता है। यह बात गलत है

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मंत्र शक्ति देगी आपको एकाग्रता

मंत्र शक्ति से एकाग्रता कैसे प्राप्त होती है। मंत्र जाप करने से आत्मा के भीतर स्पंदन उत्पन्न होता है। किसी भी मंत्र का आप स-स्वर उच्चारण करें अथवा मन ही मन उसका जाप करें, तो एक स्पंदन उत्पन्न होता है।

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नवरात्र और शक्तिपीठ

आप सभी को मालूम है कि माँ सती के अंग जहां-जहां गिरे वे सभी स्थल शक्तिपीठ कहलाएं। आज ज्यादातर शक्तिपीठ हिन्दुस्तान में है तो कुछ बांग्लादेश, नेपाल, तिब्बत, श्रीलंका और पाकिस्तान में भी है।

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मेहंदी के रंग, सुगंध से ग्रह भी होते प्रसन्न

स्त्री के लिए रत्न तथा स्वर्णाभूषणों का आकर्षण अपनी जगह है पर श्रृंगार में मेंहदी का उपयोग सर्वाधिक प्रिय है। यह विवाहिता के हाथों में रचाने के बाद जितने गहरे रंग से उभरेगी तो पति से उसका प्रेम उतना ही गहरा होगा।

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तुलसी से मिटे रोग, रहेंगे स्वस्थ

सर्दी हो तो तुलसी का काढ़ा काली मिर्च के साथ बनाकर पीने से लाभ मिलता है पर लेकिन क्या आपको मालूम है कि सुबह के समय खाली पेट तुलसी के पत्तों को दूध के साथ मिलाकर पीने से किन-किन रोगों से छुटकारा तथा समस्याओं में लाभ मिलता है।

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मंत्र जाप प्रयोग से होगा लाभ

मंत्रों के तेजोमय शक्ति का समुच्चय कहा गया है। इसी तरह बीजाक्षर भी शक्ति-पुंज माने गए हैं। मंत्र मानव से परे स्थित शक्ति को जाग्रत करते हैं। मंत्र-सिद्ध का अर्थ है मंत्र को सशक्त तथा जागृत बनाना। प्राणतोषिणी के अनुसार ’मंत्र-साधक जो भी चाहता है, वह उसे अवश्य प्राप्त होता है। ’यहां हम आपके लाभ के लिए कुछ चुने हुए मंत्र, उनकी प्रयोग विधि दे रहे हैं।

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वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों को करें शांत व अनुकूल

वैदिक ज्योतिष में, मंगल ग्रह को जैसे साहस, आत्मविश्वास, बल और आत्मरक्षा का प्रतिनिधित्व करने वाला कहा जाता है। बच्चे को इस स्थिति से बाहर लाने के लिए बच्चे की कुण्डली में मंगल की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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Characteristics of Planets in Predictive Astrology

In Vedic astrology planets have been divided into two parts which are as follows: benefic and malefic planets. The positions and significations of seven planets along with the two shadow
planets Rahu and Ketu are considered while giving predictions in this form of astrology.

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