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वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों को करें शांत व अनुकूल

वैदिक ज्योतिष में, मंगल ग्रह को जैसे साहस, आत्मविश्वास, बल और आत्मरक्षा का प्रतिनिधित्व करने वाला कहा जाता है। बच्चे को इस स्थिति से बाहर लाने के लिए बच्चे की कुण्डली में मंगल की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मंगल अपना फल ना दें पा रहा या कुंडली का तीसरा भाव अशुभ ग्रहों के प्रभाव में हो तो बालक की रूचि घर में खेलने वाले खेलों में अधिक होती है। मंगल के नकारात्मक प्रभाव को शांत करने के लिए, आप उन्हें स्केटिंग, बास्केट-बाॅल, फुटबाॅल, क्रिकेट, टेनिस जैसे बाहरी खेल गतिविधियों में शमिल कर सकते हैं। परिणामस्वरूप बच्चा स्मार्टफोन के नशे से दूरी बनाएगा और भविष्य में वह सफल खिलाड़ी भी बन सकता है। इसके लिए आप अपने क्षेत्र के निकटतम स्पोर्ट्स क्लब का विवरण प्राप्त करें और अपने बच्चे का नाम वहां पंजीकत करें। दौड़ने और खेलने में समय बिताना यह सुनिश्चित करेगा कि वह सक्रिय और स्वस्थ है।

सूर्य को बल देने के लिए गायत्री मंत्र का जाप –

गायत्री मंत्र को दुनिया भर में प्राचीन काल से सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली मंत्रों में से एक माना जाता है। गायत्री मंत्र का प्रतिदिन जाप करने से व्यक्ति जीवन को सकारात्मक रूप से काफी बदल सकता है। वैदिक ज्योतिष में ’सिद्धांतों के अनुसार, यदि आप बच्चे को रोजाना गायत्री मंत्र का जाप करना सिखाते हैं तो यह बच्चे को अनुकूल परिणाम देकर सूर्य को मजबूत बनाता है। सूर्य जब मजबूत होता है तो वह बालक में सकारात्मक एनर्जी को बढ़ाता है। जिससे सफलता और अच्छे परिणाम अपने आप मिलने लगते हैं। इस प्रकार बच्चा स्मार्टफोन के नशे से बाहर आने लगता है।

हरि पत्तेदार सब्जियों से बुध ग्रह को बल दें –

हरि पत्तेदार सब्जियों को प्रोटीन, लोहा, कैल्शियम और विटामिन जैसे पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्त्रोत माना गया है। वैदिक ज्योतिष शस्त्र में ऐसा कहा जाता है कि हरे रंग और ग्रह बुध के बीच एक मजबूत और सीधा संबंध है। इसलिए कई बार, कमजोर स्थिति में बुध स्थित हो तो जातक को अक्सर गाय को साग खिलाने का सुझाव दिया जाता है। इसलिए बुध ग्रह से सकारात्मक प्रभाव प्राप्त करने के लिए अपने बच्चे में हरी सब्जी खाने की आदत विकसित करना लाभकारी रहेगा। साग खाने और हरी सब्जी का सेवन करने से आपके बच्चे का बुद्धिबल, एकाग्रता और याददाश्त अच्छी हो सकती है।

शनि ग्रह को बल दें –

गरीब बच्चों की मदद् की आदत डालें, वैदिक ज्योतिष सिद्धांतों के अनुसार, शनि ग्रह को न्याय का प्रतिनिधित्व करने वाला माना जाता है। इसे न्याय का स्वामी भी कहा जाता है। शनि ग्रह को किसी भी व्यक्ति के साथ हुए अन्याय के प्रति असहिष्णु भी कहा जाता है। इसलिए, इस ग्रह के बुरे और नकारात्मक प्रभाव को जरूरतमंद और गरीबों की मदद करके शांत किया जा सकता है। शनि ग्रह गरीब तबके के व्यक्तियों का कारक ग्रह है। अपने बच्चें में गरीब बच्चों की मदद् की आदत डालने से आपके बच्चे की कुंडली का शनि मजबूत होगा और नकारात्मक आदतें कम होंगी। इसके लिए आपका बच्चा गरीब बच्चों को पढ़ने में मदद् कर सकता है। यह शनि को बल देने का सबसे सरल उपाय है।